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Zoho: अश्विनी वैष्णव का बड़ा कदम Microsoft को छोड़कर Zoho अपनाया

On: September 23, 2025 7:55 PM
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Zoho

Zoho: आजकल हर व्यक्ति अपने कामकाज और पेशेवर जिंदगी में कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर पर निर्भर है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हम जिन टूल्स और प्लेटफॉर्म्स का रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं, वे कितने विदेशी हैं? इस सवाल के जवाब में भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को घोषणा की कि वे अपने डॉक्यूमेंट्स, स्लाइड शो प्रेजेंटेशन और स्प्रेडशीट बनाने के लिए Zoho सॉफ्टवेयर का उपयोग करेंगे।

स्वदेशी प्लेटफॉर्म को अपनाने का संदेश

मंत्री ने कहा, “मैं Zoho की ओर बढ़ रहा हूँ — हमारा अपना स्वदेशी प्लेटफॉर्म।” उन्होंने नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अपनाने के आह्वान में शामिल हों और भारतीय उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करें। उनका यह कदम विशेष रूप से उस समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता चल रही है, और अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर कुल मिलाकर 50% टैरिफ लगा रखा है।Zoho

पूर्व में मंत्री वैष्णव ने अपने प्रेजेंटेशन के लिए Microsoft PowerPoint का इस्तेमाल किया था। जबकि Microsoft और Google जैसी कंपनियां अमेरिकी हैं, Zoho एक भारतीय कंपनी है, जिसका वार्षिक राजस्व 1 बिलियन डॉलर से अधिक है और जिसके कार्यालय अमेरिका समेत कई देशों में हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का स्वदेशी संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अपने राष्ट्रीय टेलीविज़न संबोधन में कहा कि कई विदेशी वस्तुएं अनजाने में हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे उत्पाद खरीदें जो “Made in India” हों और जिनमें देश के युवाओं की मेहनत और पसीना शामिल हो। मोदी ने यह स्पष्ट किया कि हमें विदेशी निर्भरता से मुक्त होकर स्वदेशी उत्पादों को अपनाना चाहिए।

सरकार में स्वदेशी सॉफ्टवेयर का प्रयोग

हालांकि सरकार ने अभी तक विदेशी सॉफ्टवेयर प्रदाताओं से पूरी तरह अलग होने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है, फिर भी कुछ सरकारी सिस्टम्स को निजी कंपनियों को सौंपने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उदाहरण के लिए, Zoho को पिछले साल कई मंत्रालयों के ईमेल इनबॉक्स मैनेज करने का ठेका दिया गया था। Zoho ने आईटी मंत्रालय द्वारा आयोजित एक प्रतियोगिता में भी जीत हासिल की थी, जिसमें उन्होंने एक वेब ब्राउज़र बनाया जो भारतीय कंपनियों द्वारा जारी सुरक्षा प्रमाणपत्रों पर भरोसा करता है।Zoho

विदेशी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता के जोखिम

विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कई बार समस्याएं भी पैदा कर चुकी है। उदाहरण के लिए, Nayara Energy, जो एक Indo-Russian रिफाइनरी कंपनी है, को एक दिन के लिए अपने ईमेल सिस्टम से काट दिया गया था क्योंकि अमेरिकी कंपनी ने यूरोपीय प्रतिबंधों का पालन करते हुए सेवाएं रोक दी थीं।

निष्कर्ष

अश्विनी वैष्णव का Zoho प्लेटफॉर्म अपनाना केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि स्वदेशी अपनाने की दिशा में एक बड़ा संदेश है। यह कदम भारत के युवाओं और भारतीय कंपनियों के लिए अवसर और प्रोत्साहन लेकर आता है। भविष्य में यह पहल सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में स्वदेशी सॉफ्टवेयर की ओर बढ़ावा दे सकती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए संबंधित मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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Rishant Verma

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