Tata Motor Share: आज शेयर बाजार में टाटा मोटर्स के निवेशकों के लिए सुबह की शुरुआत थोड़ी झटकेदार रही। सोमवार, 14 अक्टूबर को एनएसई पर टाटा मोटर्स के शेयर का नया भाव ₹400 प्रति शेयर के स्तर पर तय हुआ, जो करीब 40 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। यह गिरावट कंपनी के डिमर्जर यानी विभाजन की प्रक्रिया के बाद देखी गई है, जिसमें टाटा मोटर्स ने अपने कमर्शियल व्हीकल बिजनेस को अलग कर दिया है।
डिमर्जर के बाद शेयर की नई शुरुआत
बीएसई पर भी टाटा मोटर्स का शेयर ₹399 प्रति शेयर पर खुला और जल्द ही 2 प्रतिशत गिरकर ₹391.35 प्रति शेयर पर कारोबार करता दिखा। दरअसल, यह समायोजन कंपनी के डिमर्जर के बाद के बदलावों का परिणाम है। अब जो शेयर बाजार में टाटा मोटर्स के नाम से ट्रेड हो रहा है, वह केवल कंपनी के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस का प्रतिनिधित्व करता है।
कंपनी ने इस महीने की शुरुआत में ही 14 अक्टूबर को रिकॉर्ड डेट घोषित किया था। इसका मतलब यह था कि जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक टाटा मोटर्स के शेयर थे, वे डिमर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी के शेयर पाने के पात्र होंगे।
शेयरहोल्डर्स को मिलेगा 1:1 का फायदा
कंपनी के मुताबिक, निवेशकों को TML Commercial Vehicles Ltd (TMLCV) के एक शेयर के बदले Tata Motors के एक शेयर मिलेंगे। यह नई कंपनी नवंबर महीने में बीएसई और एनएसई दोनों पर लिस्ट होने की संभावना है। डिमर्जर प्रक्रिया 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो चुकी है और आज इसका प्रभाव बाजार में दिखा।
टाटा मोटर्स डिमर्जर: फोकस और ग्रोथ का नया अध्याय
पिछले साल अगस्त में टाटा मोटर्स के बोर्ड ने अपने कमर्शियल और पैसेंजर व्हीकल डिवीज़न को अलग-अलग दो कंपनियों में बांटने का फैसला लिया था। इसका उद्देश्य दोनों सेगमेंट्स को अलग फोकस और बेहतर विकास के अवसर देना था।
डिमर्जर के बाद, कंपनी के पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट का नाम होगा Tata Motors Passenger Vehicles Ltd (TMPVL), जबकि कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट Tata Motors Commercial Vehicles Ltd (TMLCV) के नाम से सूचीबद्ध होगा। यह 1:1 डिमर्जर दोनों व्यवसायों को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का मौका देगा।
शेयर प्रदर्शन और निवेशकों की स्थिति
अगर शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो टाटा मोटर्स का शेयर पिछले एक महीने में करीब 7 प्रतिशत गिरा है, जबकि साल 2025 में अब तक इसकी कीमत में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले 5 वर्षों में यह शेयर लगभग 420 प्रतिशत तक उछल चुका है, जो कंपनी की दीर्घकालिक क्षमता और भरोसे को दर्शाता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है क्योंकि यह तकनीकी समायोजन का हिस्सा है। डिमर्जर के बाद दोनों नई कंपनियां अपने-अपने सेगमेंट में फोकस्ड ग्रोथ दिखा सकती हैं, जिससे आने वाले महीनों में निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
टाटा मोटर्स के इस कदम को विशेषज्ञ कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनी पहले से ही मजबूत पकड़ बना चुकी है। वहीं, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट को अलग कर देने से दोनों कंपनियों को अपने-अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी।
डिमर्जर के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि TMLCV और TMPVL कैसे अपने नए सफर की शुरुआत करते हैं और निवेशकों को कितना रिटर्न देते हैं।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी सार्वजनिक रिपोर्ट्स और शेयर बाजार के अपडेट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य वित्तीय जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए किसी भी आंकड़े या विचार को निवेश सलाह के रूप में न लें। निवेश करने से पहले हमेशा किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
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