SBI: त्योहारों का मौसम खुशियों से भरा होता है, और जब ऐसी घड़ी में बैंक से राहत भरी खबर मिले, तो खुशी दोगुनी हो जाती है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को दिवाली और धनतेरस से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है। अगर आप भी SBI से होम लोन या कार लोन लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास है, क्योंकि बैंक ने अपने ब्याज दरों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जो आपकी जेब पर किसी तरह का अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगा।
ग्राहकों के लिए SBI का बड़ा फैसला
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अक्टूबर महीने में अपनी MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) की समीक्षा की है। लेकिन इस बार बैंक ने न तो इसे बढ़ाया है और न ही घटाया है। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले त्योहारों में आपकी होम लोन या कार लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी आपकी मासिक किस्तें पहले जैसी ही रहेंगी और आप त्योहारों का आनंद बिना किसी आर्थिक चिंता के उठा सकेंगे।
15 अक्टूबर से लागू हुई नई दरें
SBI की नई MCLR दरें 15 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुकी हैं। बैंक की वेबसाइट के अनुसार, ओवरनाइट और वन-मंथ MCLR 7.90% है, तीन महीने की दर 8.30%, छह महीने की 8.65%, एक साल की 8.75%, दो साल की 8.80% और तीन साल की MCLR 8.85% तय की गई है। यानी पिछले महीने की तुलना में इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जो पहले से होम या कार लोन की EMI चुका रहे हैं।
| समय अवधि | नई MCLR – 15 अक्टूबर 2025 | पुरानी MCLR – 15 सितंबर 2025 |
|---|---|---|
| ओवरनाइट | 7.90% | 7.90% |
| एक महीना | 7.90% | 7.90% |
| तीन महीने | 8.30% | 8.30% |
| छह महीने | 8.65% | 8.65% |
| एक वर्ष | 8.75% | 8.75% |
| दो वर्ष | 8.80% | 8.80% |
| तीन वर्ष | 8.85% | 8.85% |
जानिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम
MCLR दरें सीधे आपके लोन से जुड़ी होती हैं। जब ये दरें बढ़ती हैं तो आपकी EMI भी बढ़ जाती है, और जब घटती हैं तो EMI में राहत मिलती है। लेकिन इस बार SBI ने इन दरों को स्थिर रखकर अपने ग्राहकों को स्थिरता और संतुलन का भरोसा दिया है। त्योहारों के समय जब खर्च बढ़ जाते हैं, तब EMI में कोई बढ़ोतरी न होना अपने आप में एक बड़ी राहत है।
प्रोसेसिंग फीस और क्रेडिट स्कोर का महत्व
SBI अपने होम लोन पर 0.35% की प्रोसेसिंग फीस वसूलता है, जिसमें न्यूनतम सीमा ₹2,000 और अधिकतम ₹10,000 रखी गई है। इसके अलावा, आपका CIBIL स्कोर या क्रेडिट रिपोर्ट भी आपके ब्याज दर पर असर डालता है। जिन ग्राहकों का स्कोर बेहतर होता है, उन्हें बैंक कम ब्याज दर पर लोन मंजूर करता है। इस स्कोर को तय करने में Experian, Equifax और Highmark जैसी एजेंसियां भी अहम भूमिका निभाती हैं, जिन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मान्यता दी हुई है।
त्योहारों में राहत और खुशहाली
त्योहारों के मौसम में SBI का यह कदम करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। न तो EMI बढ़ेगी, न ब्याज दरों में कोई इजाफा होगा — यानी जेब पर अतिरिक्त बोझ के बिना आप अपने सपनों के घर या कार की खुशियों को एंजॉय कर सकेंगे। यह फैसला न केवल आर्थिक रूप से राहत देता है बल्कि ग्राहकों के भरोसे को भी और मजबूत करता है।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। लोन से संबंधित किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक वेबसाइट या बैंक शाखा से नवीनतम ब्याज दरें अवश्य जांचें।






