Employees Advance Salary: दिवाली से पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने कर्मचारियों को खुशखबरी दी है। त्योहारों के इस सीजन में जब हर कोई आर्थिक राहत की उम्मीद करता है, ऐसे में सरकार ने ठेका, गेस्ट, आउटसोर्सिंग और डीसी रेट पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की है। प्रशासन ने इन कर्मचारियों की अक्टूबर महीने की सैलरी नवंबर से पहले, यानी 17 अक्टूबर तक उनके खातों में जारी करने का फैसला लिया है। यह निर्णय निश्चित रूप से हजारों परिवारों के लिए दिवाली से पहले खुशी की सौगात लेकर आया है।
दिवाली से पहले मिलेगा वेतन, छुट्टी समायोजन अगले महीने
वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं कि ठेका, अतिथि और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन बिल 17 अक्टूबर तक निपटा दिए जाएं, ताकि किसी को भी वेतन मिलने में देरी न हो। यदि किसी कर्मचारी की उपस्थिति या छुट्टी से जुड़ी कोई समस्या है, तो उसे अगले महीने के वेतन में समायोजित किया जाएगा। ये आदेश यूटी प्रशासक और मुख्य सचिव के निर्देशों पर जारी किए गए हैं।
वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी विभागाध्यक्ष और कार्यालय प्रमुख अपने-अपने विभागों के कर्मचारियों की सैलरी से संबंधित बिल समय पर तैयार करें, ताकि कर्मचारियों को दिवाली से पहले ही वेतन का लाभ मिल सके।
बोनस का भी ऐलान, 30 दिन के वेतन के बराबर मिलेगा लाभ
दिवाली के अवसर पर प्रशासन ने एक और खुशखबरी दी है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एड-हॉक बोनस) की घोषणा की है, जो केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस की तर्ज पर दिया जाएगा।
यह बोनस वित्त वर्ष 2024-25 के लिए देय होगा और इसे ग्रुप C और गैर-राजपत्रित ग्रुप B कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो किसी उत्पादकता-लिंक्ड बोनस योजना के अंतर्गत नहीं आते। आदेश के अनुसार, यह बोनस 30 दिनों के वेतन के बराबर होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹7,000 प्रति माह तय की गई है।
यह निर्णय भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग द्वारा 29 सितंबर 2025 को जारी आदेशों के अनुसार लिया गया है। चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के पात्र कर्मचारियों को यह लाभ उन्हीं शर्तों पर मिलेगा जो केंद्र सरकार के आदेशों में निर्धारित हैं।
त्योहार से पहले खुशियों की सौगात
त्योहारों के इस मौसम में यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है बल्कि यह प्रशासन की संवेदनशीलता और कर्मचारी हितैषी सोच को भी दर्शाता है। समय पर वेतन और बोनस मिलने से कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है और दिवाली का उत्साह अब दोगुना हो गया है।
डिस्क्लेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी आदेशों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है। किसी भी प्रकार के वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।
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