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FD Vs Share Market: जानिए किसमें करें निवेश और कैसे बढ़ाएं अपने पैसे

On: October 22, 2025 4:57 PM
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FD Vs Share Market

FD Vs Share Market: पैसे का निवेश करना हमेशा ही एक चुनौतीपूर्ण फैसला रहा है। हर कोई चाहता है कि उसका पैसा सुरक्षित रहे और उसे अच्छे रिटर्न भी मिलें। अक्सर लोग निवेश के बारे में सोचते ही स्टॉक मार्केट और फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन सही जानकारी या मार्गदर्शन की कमी के कारण लोग कई बार गलत फैसले कर बैठते हैं। अगर आप भी सोच रहे हैं कि अपने पैसे को सुरक्षित और लाभकारी तरीके से कहां लगाएं, तो यह लेख आपके लिए है।

FD क्या है?

फिक्स्ड डिपॉज़िट या FD एक ऐसा वित्तीय उपकरण है जिसे बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों को प्रदान करते हैं। इसमें आप एक निश्चित राशि एक निश्चित अवधि के लिए जमा करते हैं और इसके बदले में आपको तय ब्याज दर के अनुसार रिटर्न मिलता है। बैंक यह ब्याज या तो समय-समय पर देता है या अवधि पूरी होने पर मूल राशि के साथ चुकाता है। FDs सुरक्षित और निश्चित रिटर्न देते हैं, इसलिए जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए यह एक लोकप्रिय विकल्प हैं। आमतौर पर FD की ब्याज दर बचत खाते से अधिक होती है, लेकिन यह स्टॉक मार्केट के मुकाबले कम हो सकती है।

शेयर मार्केट क्या है?

शेयर मार्केट वह जगह है जहां कंपनियों के शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं। जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तो आप उस कंपनी के शेयरधारक बन जाते हैं। निवेशक शेयर इसलिए खरीदते हैं ताकि शेयर की कीमत बढ़ने पर मुनाफा कमाएं या कंपनी द्वारा दिए जाने वाले लाभांश (डिविडेंड) का फायदा उठाएं। शेयर मार्केट की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं, जो कंपनी के प्रदर्शन, आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की भावनाओं पर निर्भर करती हैं।FD Vs Share Market

FD और शेयर मार्केट में अंतर

जब बात निवेश की आती है, तो FD और शेयर मार्केट दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं।

रिटर्न के मामले में, शेयर मार्केट अक्सर FD से अधिक लाभ दे सकता है। स्टॉक्स का मूल्य बढ़ने पर निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिलता है, जबकि FD में ब्याज दर पहले से तय होती है। लेकिन याद रहे, स्टॉक्स में नुकसान का भी जोखिम होता है अगर कंपनी का प्रदर्शन खराब हो।

जोखिम की दृष्टि से, शेयर मार्केट बहुत उतार-चढ़ाव वाला है और इसमें नुकसान होने की संभावना अधिक होती है। वहीं, FDs कम जोखिम वाले विकल्प हैं क्योंकि यह मूल राशि की सुरक्षा और निश्चित ब्याज सुनिश्चित करता है।

लिक्विडिटी यानी पैसा निकालने की सुविधा के मामले में शेयर मार्केट ज्यादा आसान है। आप जब चाहें शेयर बेच सकते हैं और पैसे निकाल सकते हैं। FD में आपका पैसा एक निश्चित अवधि के लिए लॉक रहता है, और बीच में निकालने पर बैंक द्वारा पेनल्टी भी लग सकती है।

टैक्सेशन के मामले में, FD पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से कर योग्य होता है, जबकि शेयरों पर होने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स दर कम होती है।

निवेश अवधि के हिसाब से देखा जाए तो लंबी अवधि में शेयर अधिक लाभदायक साबित हो सकते हैं, लेकिन शॉर्ट या मीडियम टर्म के लिए FD ज्यादा सुरक्षित और स्थिर विकल्प हैं।FD Vs Share Market

निष्कर्ष

निवेश करने का सही विकल्प आपकी जरूरत, बजट और जोखिम सहनशीलता पर निर्भर करता है। अगर आप सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं और जोखिम से बचना चाहते हैं, तो FD एक बेहतरीन विकल्प है। वहीं, अगर आप लंबे समय में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं और थोड़े जोखिम लेने को तैयार हैं, तो शेयर मार्केट आपके लिए बेहतर हो सकता है।

डिस्क्लेमर:

इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य निवेश मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी निवेश का निर्णय पूरी तरह आपके व्यक्तिगत विवेक और जिम्मेदारी पर निर्भर करता है। Times Bull इस संबंध में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करता।

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Rishant Verma

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