Land Registry New Rule: हरियाणा सरकार ने राज्य के नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है जिसने भूमि और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब 1 नवंबर 2025 से हरियाणा में जमीन या संपत्ति के पंजीकरण के लिए किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग अपने घर बैठे ही ऑनलाइन माध्यम से अपनी डीड यानी संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकेंगे। यह पहल हरियाणा दिवस के अवसर पर लागू की जा रही है और इसके साथ ही हरियाणा देश का पहला राज्य बन जाएगा जहां रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह कागज रहित और डिजिटल होगी।
अब खत्म होंगे पुराने झंझट और लंबी कतारें
राजस्व और आपदा प्रबंधन की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस नई प्रणाली का उद्देश्य पुराने, जटिल और समय लेने वाले कागजी कामों को पूरी तरह समाप्त करना है। अब हरियाणा के नागरिकों को सरकारी दफ्तरों में घंटों लाइन में खड़े रहने या बिचौलियों के चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं होगी। घर बैठे ही मोबाइल या कंप्यूटर से पूरी प्रक्रिया को पूरा किया जा सकेगा। यह बदलाव न केवल नागरिकों को सुविधा देगा बल्कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ाएगा।
सुरक्षित और डिजिटल पंजीकरण व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत अब खरीदार और विक्रेता दोनों की पहचान आधार और ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के जरिए सुनिश्चित की जाएगी। सभी आवश्यक दस्तावेज़ राज्य सरकार के ऑनलाइन पोर्टल eregistration.revenueharyana.gov.in पर अपलोड किए जाएंगे। इसके साथ ही स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस का भुगतान भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। यानी नकद लेन-देन का विकल्प पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जिससे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की संभावनाएं खत्म होंगी।
सरकार का कहना है कि यह प्रणाली हर चरण में एसएमएस के माध्यम से नागरिकों को अपडेट देगी और सब-रजिस्ट्रार से अपॉइंटमेंट भी ऑनलाइन ली जा सकेगी। रजिस्ट्री के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी होगी ताकि हर ट्रांजैक्शन का प्रमाण सुरक्षित रहे।
तीन चरणों में लागू हो रही है नई व्यवस्था
हरियाणा सरकार ने इस डिजिटल प्रणाली को तीन चरणों में लागू करने की योजना बनाई है। पहला चरण 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र जिले की बबैन उप-तहसील से शुरू किया गया था। इसके बाद दूसरा चरण 28 अक्टूबर से अंबाला, यमुनानगर, करनाल, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, फतेहाबाद, पलवल, जींद और झज्जर जैसे दस जिलों में लागू हुआ। अब तीसरे और अंतिम चरण में 1 नवंबर से यह व्यवस्था पूरे राज्य में लागू हो जाएगी, जिसमें गुरुग्राम, हिसार, पंचकूला, सोनीपत, सिरसा, भिवानी, पानीपत, कैथल, रोहतक, नूंह और चरखी दादरी जैसे जिले शामिल होंगे।
नागरिकों के लिए बड़ा लाभ
इस प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और पेपरलेस होगी। इससे न केवल नागरिकों का समय और पैसा बचेगा बल्कि बिचौलियों और भ्रष्टाचार पर भी प्रभावी रोक लगेगी। सरकारी दफ्तरों में भीड़ कम होगी और नागरिकों को घर बैठे सुविधा मिलेगी। यह कदम हरियाणा को डिजिटल इंडिया मिशन के और करीब ले जाएगा।
किन संपत्तियों की होगी ऑनलाइन रजिस्ट्री
सरकार के अनुसार, इस नई डिजिटल प्रणाली में सभी प्रकार की संपत्तियां शामिल होंगी। चाहे वह आवासीय प्लॉट हों, कृषि भूमि, पंचायत भूमि, सरकारी संपत्ति, रक्षा भूमि, अपार्टमेंट या को-ओनरशिप प्रॉपर्टीज — सभी को अब ऑनलाइन पंजीकृत किया जा सकेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग सिस्टम बनाया गया है ताकि प्रक्रिया सुगम और सटीक हो।
पारदर्शिता और नागरिक सुविधा की दिशा में बड़ा कदम
हरियाणा सरकार का यह फैसला नागरिकों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव है। इस व्यवस्था से भूमि लेन-देन अब पहले से अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन जाएगा। यह पहल न केवल सरकारी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाएगी बल्कि नागरिकों में डिजिटल प्रणाली के प्रति विश्वास भी मजबूत करेगी। हरियाणा का यह कदम आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणा बन सकता है।
निष्कर्ष
हरियाणा का ऑनलाइन भूमि और संपत्ति रजिस्ट्री सिस्टम राज्य को पूरी तरह डिजिटल शासन की ओर ले जा रहा है। अब नागरिकों को सुविधा, पारदर्शिता और सुरक्षा तीनों का अनुभव एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा। यह पहल निश्चित रूप से हरियाणा को “डिजिटल इंडिया” के स्वप्न के और करीब ले जाएगी।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी घोषणाओं और सार्वजनिक रिपोर्ट्स पर आधारित है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी आधिकारिक प्रक्रिया से पहले हरियाणा सरकार के आधिकारिक पोर्टल या विभागीय सूचना स्रोत से विवरण की पुष्टि अवश्य करें।
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