Chhath Prasad: छठ पूजा का नाम सुनते ही मन में आस्था, पवित्रता और सादगी की एक सुंदर छवि उभर आती है। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तो इस त्योहार की रौनक कुछ अलग ही होती है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में न सिर्फ व्रत और पूजा का विशेष महत्व होता है, बल्कि इसमें बनाई जाने वाली पारंपरिक मिठाइयों का भी अपना ही स्थान है। इन्हीं में से एक है गुड़ और मेवे वाली खीर, जिसे “छठ ड्राई फ्रूट्स गुड़ खीर” के नाम से जाना जाता है। यह खीर जितनी स्वादिष्ट होती है, उतनी ही पवित्र भी मानी जाती है, क्योंकि इसे भगवान सूर्य को अर्पित किया जाता है।
छठ पूजा में क्यों खास होती है गुड़ और मेवे वाली खीर
छठ पर्व के दौरान शुद्धता और सात्त्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है। इसी वजह से इस दिन की खीर में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है, जो शरीर के लिए लाभदायक और प्राकृतिक मिठास से भरपूर होता है। इसमें मेवों का स्वाद और दूध की मलाई मिलकर ऐसी लाजवाब खुशबू पैदा करते हैं, जो पूरे घर को भक्ति और आनंद से भर देती है। कहा जाता है कि इस खीर का हर निवाला सूर्य देव के आशीर्वाद का प्रतीक होता है।
घर पर ऐसे बनाएं स्वाद से भरपूर छठ ड्राई फ्रूट्स गुड़ खीर
अगर आप भी इस छठ पर कुछ मीठा और शुद्ध बनाना चाहते हैं, तो यह खीर आपके लिए सबसे उत्तम विकल्प है। इसे बनाने के लिए आपको एक लीटर दूध, आधा कप गुड़, दो चम्मच भीगे हुए चावल और थोड़े से मेवे जैसे बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश और एक चम्मच घी की जरूरत होगी।
सबसे पहले दूध को उबालें और उसमें भीगे हुए चावल डाल दें। इसे धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकने दें ताकि दूध नीचे से जले नहीं। जैसे-जैसे दूध गाढ़ा होता जाएगा, उसका स्वाद और भी बढ़ेगा। अब एक अलग पैन में घी डालकर सभी मेवों को हल्का भून लें ताकि उनकी खुशबू और कुरकुरापन बना रहे।
जब चावल नरम हो जाएं, तब गैस बंद करके दूध को थोड़ा ठंडा होने दें। फिर उसमें गुड़ डालें ताकि वह आसानी से घुल जाए। अब इसे दोबारा धीमी आंच पर 1-2 मिनट तक पकाएं और फिर इसमें भुने हुए मेवे और इलायची पाउडर मिलाकर अच्छे से हिलाएं। कुछ देर ढककर रख दें ताकि सारे स्वाद एक-दूसरे में समा जाएं। बस, आपकी पारंपरिक और स्वादिष्ट छठ ड्राई फ्रूट्स गुड़ खीर तैयार है।
स्वाद और श्रद्धा का सुंदर संगम
छठ पूजा में यह खीर सिर्फ एक मिठाई नहीं बल्कि श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है। इसे बनाने में जितना प्यार और स्नेह डाला जाता है, उतना ही इसका स्वाद बढ़ जाता है। इस खीर को सूर्य देव को अर्पित करने के बाद प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है, जो हर घर में सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद लाता है।
अस्वीकरण:
यह लेख केवल पारंपरिक जानकारी और घरेलू उपयोग के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें बताए गए विधि और सामग्रियां लोक परंपरा पर आधारित हैं। किसी भी धार्मिक आयोजन से पहले स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन अवश्य करें।
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