DVLA New Driving Rules 2025: ब्रिटेन में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 नवंबर 2025 से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। ड्राइवर एंड व्हीकल लाइसेंसिंग एजेंसी (DVLA) ने 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ड्राइवरों के लिए नई मेडिकल फिटनेस-टू-ड्राइव गाइडलाइन की घोषणा की है। यह नियम न केवल सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएंगे बल्कि उम्रदराज ड्राइवरों को सुरक्षित और आत्मविश्वासी बनाए रखने में भी मदद करेंगे।
1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम
DVLA के मुताबिक, अब 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को लाइसेंस रिन्यू करवाते समय अपनी स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी देना जरूरी होगा। पहले जहां सिर्फ स्व-घोषणा (Self Declaration) के आधार पर लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाता था, वहीं अब डॉक्टर या ऑप्टिशियन (नेत्र विशेषज्ञ) से सत्यापित मेडिकल रिपोर्ट भी देनी होगी।
इन नए नियमों के तहत दृष्टि (Vision), मानसिक स्थिति (Cognitive ability), हृदय रोग (Cardiovascular conditions) और डायबिटीज जैसी बीमारियों की जांच अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही अब GP (जनरल प्रैक्टिशनर) और ऑप्टिशियन द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट सीधे DVLA को डिजिटल माध्यम से भेजे जा सकेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो जाएगी।
क्यों लाए गए ये बदलाव
बीते कुछ वर्षों में 70 वर्ष से अधिक उम्र के ड्राइवरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। DVLA के आंकड़ों के मुताबिक, यूके में फिलहाल लगभग 57 लाख लाइसेंसधारी ऐसे हैं जिनकी उम्र 70 साल या उससे अधिक है। ऐसे में सरकार के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर सुधार लाना आवश्यक हो गया था।
पिछले तीन वर्षों में परिवहन विभाग (DfT) और मेडिकल विशेषज्ञों की एक समिति ने इस विषय पर गहन अध्ययन किया। नतीजतन, यह पाया गया कि कई वरिष्ठ ड्राइवर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी छिपा लेते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। अब नई नीति के तहत पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है ताकि हर चालक अपनी सेहत के अनुसार ड्राइविंग जारी रख सके।
किन स्वास्थ्य स्थितियों पर होगी सख्ती
नए नियम मुख्य रूप से उन बीमारियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो ड्राइविंग क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं — नजर की कमजोरी, डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियां, स्ट्रोक, पार्किंसन और डिमेंशिया जैसी मानसिक स्थितियां।
अब 70 वर्ष से ऊपर के हर व्यक्ति को हर तीन साल में अपनी दृष्टि का परीक्षण करवाना होगा। वहीं 80 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए मेडिकल जांच हर दो साल में अनिवार्य होगी। अगर किसी व्यक्ति को गंभीर बीमारी है, तो उसे अपने डॉक्टर से अनुमति लेकर ही लाइसेंस रिन्यू करवाने की अनुमति मिलेगी।
डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
नई व्यवस्था के तहत अब ज़्यादातर आवेदन और मेडिकल रिपोर्ट DVLA के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे, जो NHS सिस्टम से सीधे जुड़ा रहेगा। इससे लाइसेंस नवीनीकरण में लगने वाला समय कम होगा और रिपोर्टों की जांच में पारदर्शिता आएगी।
जिन लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, उनके लिए डाक के माध्यम से आवेदन की सुविधा बरकरार रखी गई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए नई उम्मीद
DVLA ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का उद्देश्य किसी की स्वतंत्रता छीनना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित तरीके से ड्राइविंग जारी रखने में मदद करना है। एजेंसी के प्रवक्ता के अनुसार, “हमारा मकसद बुजुर्ग ड्राइवरों को दंडित करना नहीं बल्कि उन्हें सही स्वास्थ्य जांच के माध्यम से और अधिक सुरक्षित बनाना है।”
इन नई गाइडलाइनों से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी ड्राइवर अपनी सेहत की अनदेखी न करे और सड़क पर खुद के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा भी बनाए रखे।
निष्कर्ष
DVLA के नए मेडिकल नियम 1 नवंबर 2025 से यूके में वरिष्ठ नागरिक ड्राइवरों के लिए एक नया अध्याय खोलने जा रहे हैं। यह बदलाव न केवल सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएगा बल्कि बुजुर्गों को जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बने रहने का अवसर भी देगा।
इन नियमों के तहत उम्र नहीं, बल्कि स्वास्थ्य अब यह तय करेगा कि कोई व्यक्ति ड्राइविंग जारी रख सकता है या नहीं। यह नीति ब्रिटेन की सड़कों को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जनहित और जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। पाठकों से निवेदन है कि किसी भी आधिकारिक नियम या प्रक्रिया से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल या DVLA की वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य जांचें।
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