National Unity Day: देशभर में आज ‘राष्ट्र्रीय एकता दिवस’ बड़े ही गर्व और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर भारत के लौहपुरुष, सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह करीब 8 बजे पीएम मोदी ने नर्मदा नदी के तट पर स्थित इस भव्य प्रतिमा के सामने पुष्पांजलि अर्पित की और देश की एकता, अखंडता और अटूट संकल्प का संदेश दिया।
सरदार पटेल को नमन करते हुए ‘एकता का संकल्प’
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एकता नगर में आयोजित भव्य परेड का निरीक्षण किया और देशवासियों को ‘एकता की शपथ’ दिलाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने वह असंभव कार्य कर दिखाया, जिसे इतिहास सदियों तक याद रखेगा। उन्होंने 550 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना साकार किया।
सरदार पटेल के परिवार से मुलाकात
इस अवसर से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा – “केवड़िया में सरदार वल्लभभाई पटेल के परिवार से मिलना अत्यंत सुखद अनुभव रहा। बातचीत के दौरान हमने सरदार पटेल के उस अमूल्य योगदान को याद किया, जिसने भारत की नींव को मजबूत बनाया।”
लौहपुरुष के आदर्श आज भी जीवंत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रनिर्माण की उस भावना के प्रतीक थे जिसने हमें एकजुट रखा। उन्होंने कहा – “सरदार पटेल का मानना था कि इतिहास लिखने में नहीं, इतिहास बनाने में समय लगाना चाहिए। उन्होंने भारत को जोड़कर इतिहास रचा।”
वीडियो के माध्यम से दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की जयंती पर एक भावनात्मक वीडियो भी साझा किया, जिसमें लौहपुरुष के जीवन, उनकी निष्ठा और उनके कार्यों को दिखाया गया। उन्होंने लिखा – “भारत आज अपने उस महान सपूत को नमन करता है जिसने राष्ट्रीय एकता की नींव रखी। उनका योगदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। हम सब मिलकर उनके ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्न को साकार करने का संकल्प लेते हैं।”
एकता दिवस का महत्व
हर साल 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्र्रीय एकता दिवस’ मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सरदार पटेल ने किस तरह भारत के बिखरे हिस्सों को एकजुट कर एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी थी। उनकी दूरदर्शिता और दृढ़ निश्चय ने भारत को आज वह स्वरूप दिया है जिस पर हर नागरिक गर्व कर सकता है।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी और श्रद्धांजलि के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें उल्लिखित सभी घटनाएं और कथन विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित हैं। किसी व्यक्ति, संस्था या विचार को ठेस पहुँचाना इसका उद्देश्य नहीं है।






