PM Kisan 21st Installment 2025: भारत के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना उम्मीद की एक किरण बन चुकी है। हर साल यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक राहत देती है, जिससे वे अपने खेतों और परिवार की जरूरतें पूरी कर सकें। लेकिन इस बार 21वीं किस्त से पहले केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जांच के दौरान सरकार ने करीब 31 लाख किसानों के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए हैं, जिससे अब केवल पात्र किसानों को ही अगली किस्त का लाभ मिलेगा।
31 लाख किसानों के नाम क्यों हुए रद्द?
केंद्र सरकार के अनुसार, कई किसानों ने योजना के नियमों का उल्लंघन किया था। कुछ मामलों में पति और पत्नी दोनों ने अलग-अलग आवेदन कर एक साथ लाभ लिया था, जो कि योजना के नियमों के खिलाफ है। वहीं, कुछ किसानों के दस्तावेज अधूरे पाए गए या आधार लिंकिंग नहीं की गई थी। ऐसे किसानों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं ताकि योजना पारदर्शी बनी रहे और केवल असली किसानों को ही सहायता मिले।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हटाए गए करीब 94% मामलों में पति-पत्नी दोनों को लाभ मिल रहा था। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि यह कार्रवाई किसी को सजा देने के लिए नहीं बल्कि ईमानदार और पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुँचाने के लिए की गई है। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी फर्जी या दोहरे लाभार्थियों की जांच पूरी करें और योग्य किसानों को ही भुगतान सुनिश्चित करें।
21वीं किस्त की तारीख और किसानों की उम्मीदें
अब तक सरकार किसानों को 20 किश्तें जारी कर चुकी है और 21वीं किस्त नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में जारी की जाने की संभावना है। कई राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कुछ इलाकों में पहले से ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कुछ किसानों के खाते में 21वीं किस्त की राशि अक्टूबर में ही ट्रांसफर की जा चुकी है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपना ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग जल्द से जल्द पूरा करें ताकि उनका नाम लिस्ट से न हटे और वे समय पर किस्त का लाभ प्राप्त कर सकें। जो किसान अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं, वे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
योजना का उद्देश्य और लाभ
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को 6,000 रुपये प्रतिवर्ष की सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किश्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
यह योजना देशभर में किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इससे किसानों को बिचौलियों से राहत मिली है और वे अपनी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि किसानों को सम्मान और सुरक्षा का वादा है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
किसानों को नियमित रूप से PM Kisan पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति (Status) जांचनी चाहिए। यदि किसी का नाम लिस्ट से हटा दिया गया है, तो वे कारण जानकर अपने दस्तावेज अपडेट कर सकते हैं। इसके अलावा, आधार और बैंक खातों को सही ढंग से लिंक करना अनिवार्य है। इससे भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं होगी।
निष्कर्ष
PM Kisan योजना भारतीय किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार बन चुकी है। सरकार द्वारा की गई जांच और डाटा सफाई प्रक्रिया से योजना और भी पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल असली किसान ही इस योजना का लाभ उठा सकें। आने वाली 21वीं किस्त से किसानों को एक बार फिर राहत और उम्मीद की नई किरण मिलेगी।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना से जुड़ी ताज़ा जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए हमेशा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर ही जाएँ।












