Aaj Ka Mausam :जब आसमान से राहत की बूंदें बरसती हैं तो मौसम सुहाना लगता है, लेकिन जब वही बारिश मुसीबत बन जाए तो हर दिल में डर और चिंता घर कर जाती है। उत्तर प्रदेश में इन दिनों यही मंजर देखने को मिल रहा है। 5 अगस्त 2025 का दिन प्रदेशवासियों के लिए परेशानियों से भरा रहा, क्योंकि तेज बारिश और बाढ़ ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।
लखनऊ से लेकर कासगंज तक पानी ही पानी
राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के 21 जिले इस वक्त बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को ठप कर दिया है। लखनऊ में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है। सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन रेंग रहे हैं, और कई जगहों पर तो यातायात पूरी तरह से ठप हो गया ह
ये जिले हैं बाढ़ की सबसे बड़ी मार में
प्रदेश के जिन 21 जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं, उनमें कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, हमीरपुर, इटावा, फतेहपुर, भदोही, फर्रुखाबाद और कासगंज शामिल हैं। इन इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं।
5 अगस्त को भी जारी रहा भारी बारिश का कहर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी यूपी के लगभग सभी इलाकों में 5 अगस्त को बारिश का सिलसिला जारी रहा। पूर्वी यूपी में बारिश थोड़ी कम जरूर हुई, लेकिन गरज-चमक और बौछारें लगातार बनी रहीं। बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और कासगंज जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान पहले ही जता दिया गया था, और वही हुआ।
बादल गरजे, बिजली कड़कती रही
कई जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई थी। गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, श्रावस्ती जैसे इलाके पूरी तरह से बारिश की चपेट में रहे। वहीं बाराबंकी, उन्नाव, मथुरा, एटा, मैनपुरी, हापुड़, गाजियाबाद, अलीगढ़ जैसे जिले भी इस संकट से अछूते नहीं रहे।
बाढ़ से प्रभावित लोगों की तादाद लाखों में
प्रदेश के 21 जिलों की 48 तहसीलें फिलहाल बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ ने 1,72,255 लोगों को प्रभावित किया है। प्रशासन ने अब तक 38,615 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिनकी संख्या 20,336 है। राहत कार्यों में 1,196 नावों और मोटरबोट्स की सहायता ली जा रही है और 4,867 नावें स्टैंडबाय में रखी गई हैं।
राहत के लिए प्रशासन की कोशिशें जारी
प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए अब तक 1,20,000 से अधिक खाद्यान्न पैकेट और 1,63,548 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 846 मेडिकल टीमें लगातार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। 1,277 बाढ़ चौकियों की स्थापना कर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
6 अगस्त से मिल सकती है थोड़ी राहत
मौसम विभाग की मानें तो 6 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कमी आने की उम्मीद है। भारी बारिश का सिलसिला थम सकता है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य मौसम लौट सकता है। लेकिन तब तक सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी मौसम विभाग और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित है। किसी भी आपात स्थिति या मौसम संबंधित सलाह के लिए कृपया अधिकृत सरकारी स्रोतों और स्थानीय प्रशासन की जानकारी को प्राथमिकता दें।
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