Aaj Ka Mausam: मौसम अब धीरे-धीरे करवट ले रहा है। जहां कुछ दिन पहले तक तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब बारिश की ठंडी बूंदें राहत का एहसास दिला रही हैं। अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही देशभर में मौसम का मूड बदलता नजर आ रहा है। मानसून की विदाई के बाद अब एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसने एक बार फिर आसमान को बादलों से ढक दिया है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 7 अक्टूबर 2025 से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रणाली 10 अक्टूबर तक सक्रिय रह सकती है और इसी वजह से देशभर में ठंडक का असर बढ़ने वाला है।
पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत का मौसम फिर बदलेगा
उत्तर भारत में बने इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर पहले से ही दिखाई देने लगा है। पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवात ‘शक्ति’ ने कई राज्यों में भारी बारिश करवाई थी। अब यह नया सिस्टम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अगले कुछ दिनों तक लगातार वर्षा करवाएगा।
हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ओले गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8 अक्टूबर से इन राज्यों में तापमान में 4–5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंडक और नमी दोनों का एहसास बढ़ जाएगा।
कमजोर पड़ता चक्रवात ‘शक्ति’ लेकिन असर बरकरार
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘शक्ति’ अब कमजोर तो पड़ गया है, लेकिन इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। इसका प्रभाव पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर तक दिखाई देगा। बंगाल में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव हो गया है और यातायात पर असर पड़ा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह तूफान अगले कुछ दिनों तक बारिश की तीव्रता बढ़ाता रहेगा।
दिल्ली-एनसीआर में फिर बरसेंगे बादल
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आज हुई बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया है। 7 अक्टूबर को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में घने बादल छाने और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण तापमान में अचानक गिरावट दर्ज होगी और शाम के समय हल्की ठंड महसूस की जाएगी।
उत्तर प्रदेश और बिहार में जारी रहेगा बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव रहेगा। सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली और आगरा में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं, बिहार में भी अगले 2–3 दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। खासकर उत्तर-पूर्वी बिहार में बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों से अतिरिक्त पानी निकालें और खेतों की सुरक्षा का ध्यान रखें।
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में मौसम का रुख खतरनाक हो सकता है। 7 अक्टूबर को चमोली, बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने और सतर्क रहने की अपील की है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले पांच दिनों तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी।
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 10 अक्टूबर तक भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी है। समुद्र में ऊंची लहरों के चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
राजस्थान और मध्य भारत में भी अलर्ट
IMD ने राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मानसून की वापसी के बावजूद पश्चिमी विक्षोभ ने एक बार फिर राजस्थान में बारिश की संभावना बढ़ा दी है। इससे राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बढ़ने की उम्मीद है।
आने वाले दिनों में ठंड की आहट
विशेषज्ञों का कहना है कि 8 से 10 अक्टूबर के बीच तापमान में गिरावट तेज़ी से महसूस होगी। दिन में हल्की धूप और रात में ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। यह बदलाव बताता है कि धीरे-धीरे सर्दियों की दस्तक अब दूर नहीं।
निष्कर्ष:-
7 अक्टूबर का दिन देश के कई हिस्सों के लिए बारिश और ठंडक लेकर आने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात ‘शक्ति’ का असर अभी बना रहेगा, जिससे मौसम में नमी और ठंड दोनों का मिश्रण महसूस होगा।
डिस्क्लेमर:-
इस लेख में दी गई जानकारी भारतीय मौसम विभाग (IMD) और मौसम विशेषज्ञों के अनुमानों पर आधारित है। वास्तविक मौसम की स्थिति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार भिन्न हो सकती है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी यात्रा या कृषि कार्य से पहले आधिकारिक मौसम अपडेट अवश्य जांच लें।












