Weather India Astrology Automobile Bihar Entertainment Events Technology Job Updates

BCCL IPO: की धमाकेदार एंट्री, लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों की हुई लगभग दोगुनी कमाई

On: January 19, 2026 10:49 PM
Follow Us:
BCCL IPO

BCCL IPO: शेयर बाजार में कुछ दिन ऐसे होते हैं जो निवेशकों के चेहरे पर तुरंत मुस्कान ले आते हैं, और सोमवार का दिन कुछ ऐसा ही रहा। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी BCCL ने शेयर बाजार में कदम रखते ही तहलका मचा दिया। जिस शेयर को निवेशकों ने 23 रुपये के इश्यू प्राइस पर खरीदा था, वह लिस्ट होते ही करीब दोगुनी कीमत पर पहुंच गया और बाजार में कंपनी की एंट्री यादगार बन गई।

NSE और BSE पर शानदार शुरुआत, लगभग 96 फीसदी का उछाल

BCCL के शेयर ने NSE पर 45 रुपये पर लिस्ट होकर इश्यू प्राइस से करीब 95 प्रतिशत का जबरदस्त प्रीमियम दिखाया। वहीं BSE पर यह 45.21 रुपये पर खुला, जहां करीब 97 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। लिस्टिंग से पहले ही कंपनी का वैल्यूएशन करीब 10,700 करोड़ रुपये आंका जा रहा था, और पहले ही दिन निवेशकों के भरोसे ने इस आंकड़े को मजबूत आधार दे दिया।

जबरदस्त सब्सक्रिप्शन ने पहले ही दे दिए थे संकेत

यह IPO 9 जनवरी से 13 जनवरी तक खुला था और शुरुआत से ही निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कुल मिलाकर यह इश्यू करीब 147 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। गैर-संस्थागत निवेशकों की भागीदारी सबसे ज्यादा रही, लेकिन संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने भी पूरे जोश के साथ इसमें हिस्सा लिया। ग्रे मार्केट में मिल रहे मजबूत संकेत पहले ही यह इशारा कर रहे थे कि लिस्टिंग कुछ खास होने वाली है।BCCL IPO

ऑफर फॉर सेल रहा IPO, प्रमोटर को मिला फायदा

BCCL का यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल था, जिसमें कोई नया पैसा कंपनी के पास नहीं आया। इस इश्यू के जरिए प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड ने अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बाजार में उतारा। लिस्टिंग के बाद कोल इंडिया की हिस्सेदारी 100 प्रतिशत से घटकर करीब 90 प्रतिशत रह गई है, जिससे पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ी है लेकिन सरकारी नियंत्रण अब भी बना हुआ है।

भारत की स्टील इंडस्ट्री में BCCL की मजबूत पकड़

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है और प्राइम कोकिंग कोल की इकलौती बड़ी घरेलू सप्लायर भी मानी जाती है। यह कोयला स्टील उत्पादन के लिए बेहद जरूरी कच्चा माल है, जिससे कंपनी की रणनीतिक अहमियत और भी बढ़ जाती है। झारखंड और पश्चिम बंगाल के कोलफील्ड्स में फैली इसकी खदानें देश की स्टील और पावर कंपनियों की जरूरतों को पूरा करती हैं।

विशाल भंडार और बढ़ता उत्पादन बना निवेशकों का भरोसा

कंपनी के पास करीब 7.91 अरब टन कोकिंग कोल का अनुमानित भंडार है, जो भारत के कुल कोकिंग कोल संसाधनों का बड़ा हिस्सा माना जाता है। हाल के वर्षों में BCCL ने उत्पादन बढ़ाने पर खास ध्यान दिया है। FY22 में जहां उत्पादन करीब 30 मिलियन टन था, वहीं FY25 तक यह बढ़कर 40 मिलियन टन से ज्यादा पहुंच गया। बंद पड़ी भूमिगत खदानों को फिर से शुरू करना और कोल वॉशरी की दक्षता बढ़ाना इस ग्रोथ की बड़ी वजह रही है।BCCL IPO

मजबूत वित्तीय स्थिति ने बढ़ाया भरोसा

वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी की स्थिति मजबूत नजर आती है। FY25 में BCCL ने करीब 14,400 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 1,240 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कोयले की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी कर्ज मुक्त है और लगातार कैश जनरेट कर रही है। सितंबर 2025 तक कंपनी की कुल संपत्ति करीब 18,700 करोड़ रुपये और नेटवर्थ 5,800 करोड़ रुपये से ज्यादा थी।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए क्यों खास है यह शेयर

विशेषज्ञों का मानना है कि BCCL की लिस्टिंग में दिखी मजबूती निवेशकों के लंबे समय के भरोसे को दर्शाती है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टील सेक्टर की बढ़ती मांग के साथ कोकिंग कोल की जरूरत भी आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, निकट भविष्य में शेयर की चाल बाजार के माहौल और कोयले की कीमतों पर निर्भर करेगी, लेकिन एक शुद्ध कोकिंग कोल प्ले होने की वजह से इसकी खास पहचान बनी हुई है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

FD Vs Share Market: जानिए किसमें करें निवेश और कैसे बढ़ाएं अपने पैसे

rishant verma
Rishant Verma

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now