Chana Masala Recipe: सर्दियों का मौसम आते ही दिल कुछ मसालेदार और गरमागरम खाने का करने लगता है। ऐसे में अगर सुबह के नाश्ते में कुछ चटपटा और सेहतमंद मिल जाए, तो दिन की शुरुआत ही खास बन जाती है। उत्तर प्रदेश और बिहार की पारंपरिक डिश चना मसाला, जिसे कई जगहों पर घुघनी भी कहा जाता है, हर घर में सर्दियों के दिनों में ज़रूर बनती है। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि चाहे बच्चे हों या बड़े, सब इसे बड़े चाव से खाते हैं। तो चलिए जानते हैं इस स्वादिष्ट और पौष्टिक चना मसाला को घर पर बनाने का आसान तरीका।
चना मसाला बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
चना मसाला बनाने के लिए ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत नहीं होती, बस कुछ सामान्य घरेलू मसाले और थोड़ी सी तैयारी चाहिए। इसके लिए आपको चाहिए — काले चने, प्याज, हरी मिर्च, टमाटर, अदरक-लहसुन का पेस्ट और कुछ मसाले जैसे हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा सा काली मिर्च। इन सबका मेल इस रेसिपी को खास स्वाद देता है।
चना मसाला बनाने की आसान विधि
सबसे पहले काले चनों को रातभर पानी में भिगो दें ताकि वे अच्छी तरह नरम हो जाएं। सुबह इन्हें प्रेशर कुकर में डालकर 2 से 3 सीटी आने तक उबाल लें, लेकिन ध्यान रखें कि चने ज़्यादा गलें नहीं।
अब एक कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें। इसमें जीरा और हरी मिर्च डालें, और जब ये तड़कने लगें, तो बारीक कटा प्याज डालें। प्याज सुनहरा होने लगे तो उसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर भूनें। अब इसमें कटे टमाटर डालें और तब तक पकाएं जब तक वे पूरी तरह गल न जाएं।
इसके बाद मसाले डालें — हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और काली मिर्च पाउडर। मसालों के अच्छे से भुन जाने के बाद उबले हुए चने डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अब इसमें स्वादानुसार नमक डालें और कुछ देर धीमी आंच पर पकने दें ताकि मसाले चनों में अच्छे से घुल जाएं।

खुशबू और स्वाद से भरपूर तैयार है चना मसाला
थोड़ी ही देर में आपकी रसोई में मसालों की लुभावनी खुशबू फैल जाएगी। गैस बंद करने से पहले ऊपर से हरा धनिया डाल दें। बस आपका गरमागरम चना मसाला (घुघनी) तैयार है। इसे आप सुबह के नाश्ते में पराठे या पूड़ी के साथ खा सकते हैं, या शाम को स्नैक्स के रूप में भी परोस सकते हैं।
सर्दियों में क्यों खास है ये डिश
चना मसाला न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और आयरन भरपूर मात्रा में होते हैं जो शरीर को ऊर्जा देते हैं और ठंड के मौसम में गर्माहट भी बनाए रखते हैं। यही वजह है कि यूपी-बिहार में सर्दियों में इसे बार-बार बनाया जाता है।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य घरेलू रेसिपी पर आधारित है। किसी भी सामग्री से एलर्जी होने पर इसका उपयोग न करें। रेसिपी का उद्देश्य केवल भोजन संबंधी जानकारी साझा करना है।
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