Chhath Puja 2025: हर साल दिवाली के छह दिन बाद जब आप टीवी चैनलों या सोशल मीडिया पर देखते हैं कि बैंक और घर दीयों, रंगोलियों और गन्ने की सजावट से जगमगा उठे हैं — तो समझ लीजिए कि पूरे जोश और श्रद्धा के साथ छठ पूजा का पर्व मनाया जा रहा है। यह सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कई हिस्सों में इस पर्व की रौनक देखते ही बनती है।
इस बार छठ पूजा 2025 का आयोजन 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक किया जाएगा। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व पूरे समुदाय को एक सूत्र में बांध देता है। कोई नदी किनारों की सफाई करता है, तो कोई प्रसाद बनाता है। व्रती महिलाएं कठोर उपवास रखकर सूर्य देव और छठी मैया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं।
छठ पूजा के पावन व्यंजन – स्वाद में भक्ति और परंपरा
छठ पूजा के दौरान बनाए जाने वाले व्यंजन सिर्फ खाने के लिए नहीं होते, बल्कि उनमें भक्ति और परंपरा की मिठास घुली होती है। आइए जानते हैं उन खास पकवानों के बारे में जो इस पूजा को पूर्णता प्रदान करते हैं।
ठेकुआ – बिहार की पहचान, भक्ति का स्वाद
ठेकुआ, जिसे कई जगहों पर कजूरिया भी कहा जाता है, छठ पूजा का सबसे प्रिय प्रसाद माना जाता है। गेहूं के आटे, गुड़ और देसी घी से तैयार यह व्यंजन न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि आस्था से भी जुड़ा है। पूजा से एक दिन पहले परिवार एकत्र होकर ठेकुआ बनाते हैं, और इसी बहाने घर में हंसी-खुशी का माहौल बन जाता है। जब यह सुनहरी रंगत में तलकर तैयार होता है तो इसकी खुशबू पूरे आंगन में फैल जाती है।
रासिया – गुड़ और दूध की सुगंध से भरा भोग
रासिया का स्वाद मानो हर कौर में बचपन की मिठास समेटे हो। चावल, दूध और मसाला गुड़ से बनी यह डिश सूर्य देव को अर्पित की जाती है। धीरे-धीरे पकते हुए जब गुड़ और दूध का मेल बनता है, तो उसकी महक पूरे घर में फैल जाती है। पूजा के बाद जब इसे परिवार और पड़ोसी मिलकर खाते हैं, तो स्वाद के साथ आत्मीयता भी बढ़ जाती है।
कद्दू की सब्जी – सादगी में छिपा स्वाद
छठ पूजा के भोजन में कद्दू की सब्जी का अपना अलग महत्व है। इसे पूरी या रोटी के साथ परोसा जाता है। मसालों और आमचूर के साथ पकाई गई यह सब्जी सरल होते हुए भी स्वाद में अद्भुत होती है। इसका हर निवाला सादगी और संतोष की भावना जगाता है, जो इस पर्व का असली संदेश है।
केसर लड्डू (चावल के लड्डू) – मीठी भक्ति का प्रतीक
छठ के प्रसाद में केसर लड्डू का विशेष स्थान है। चावल के आटे, गुड़, नारियल और घी से बने ये लड्डू न सिर्फ मीठे होते हैं बल्कि हर घर में प्रेम और एकता का प्रतीक भी बन जाते हैं। जब इन लड्डुओं पर केसर की खुशबू आती है, तो मन में भक्ति और शांति दोनों का संचार होता है।
लौकी चना दाल – सेहत और स्वाद का संगम
लौकी और चना दाल से बनी यह डिश छठ पूजा की थाली में एक पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन के रूप में शामिल होती है। देसी घी, जीरा और मसालों के तड़के से तैयार यह दाल भले ही साधारण लगे, पर इसका स्वाद और सुगंध हर किसी के दिल में बस जाती है।
आस्था से जुड़ा स्वाद
छठ पूजा केवल उपवास या प्रसाद बनाने का पर्व नहीं, बल्कि यह त्योहार है आत्मा की शुद्धि, प्रकृति के प्रति सम्मान और सूर्य देव के प्रति आभार व्यक्त करने का। जब घाटों पर हजारों दीपक एक साथ जलते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे पूरा ब्रह्मांड इस पूजा की आभा में नहा गया हो।
Disclaimer:
यह लेख केवल सांस्कृतिक और धार्मिक जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी धार्मिक परंपरा या मान्यता को प्रभावित करना नहीं है। कृपया किसी भी धार्मिक आचरण से पहले अपने पारिवारिक या स्थानीय रीति-रिवाजों का पालन अवश्य करें।
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