Dhaka Tragedy 2025: सोमवार की दोपहर, बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए एक भयानक हादसा लेकर आई। जैसे ही स्कूल की घंटी बजी और बच्चे अपनी कक्षाओं में पढ़ाई में व्यस्त थे, आसमान से एक ज़ोरदार धमाके की आवाज़ ने पूरे माहौल को सन्न कर दिया। एक बांग्लादेश एयर फोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट ‘F-7 BGI’ टेकऑफ के कुछ मिनटों बाद ही तकनीकी खराबी के चलते सीधे मिलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की इमारत पर गिर पड़ा। यह हादसा दोपहर 1:06 बजे हुआ। पल भर में स्कूल की दीवारें कांप उठीं और एक आग का गोला स्कूल परिसर में तब्दील हो गया।
स्कूल में तबाही का मंजर और टूटे परिवार
इस दर्दनाक हादसे में पायलट मोहम्मद तौकीर इस्लाम सहित कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकतर छात्र थे। इसके अलावा 171 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं। कोई हेलिकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया, कोई फायर ब्रिगेड वालों की गोद में था तो किसी को रिक्शे में जली हालत में अस्पताल भेजा गया। जो माता-पिता बच्चों के लिए टिफिन लेकर आए थे, वे अब अस्पतालों और मलबे के पास अपने बच्चों को ढूंढते हुए चिल्ला रहे थे। एक पिता ने अपनी बेटी को आग से निकालते हुए दौड़ लगाई, तो दूसरी मां एक बच्चे को लेकर बिलख रही थी और दूसरे को तलाश रही थी।
पायलट की आखिरी कोशिश और बच्चों की मासूमियत
पायलट ने आखिरी क्षणों में विमान को कम आबादी वाले इलाके में मोड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश विमान सीधे स्कूल की इमारत पर गिर गया। छात्रों ने बताया कि उनके क्लासरूम की दीवारें हिल गईं और उसके बाद तेज़ धमाका हुआ, जिससे स्कूल में भगदड़ मच गई। 11वीं के छात्र एसतियाक इलाही खान ने कहा, “जो मैंने देखा, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता… वो बहुत भयानक था।”
घटनास्थल बना श्मशान, अस्पतालों में मातम
उत्तरा इलाके में मौजूद मिलस्टोन स्कूल करीब 2,000 छात्रों का एक प्रमुख संस्थान है, जहां कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है। कई छात्र 12 से 16 साल की उम्र के थे और उन्हें गंभीर जलन के साथ विशेष बर्न अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल बन गया। शाम तक मलबे में शव ढूंढ़े जा रहे थे और क्रेन से इमारत का मलबा हटाया जा रहा था।
पूरा देश शोक में डूबा, भारत ने भी जताया दुख
बांग्लादेश के अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया और इसे ‘राष्ट्रीय पीड़ा की घड़ी’ बताया। साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “भारत इस मुश्किल घड़ी में बांग्लादेश के साथ है और हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।”
जब स्कूल बन गया डर की तस्वीर
इस हादसे ने यह दिखा दिया कि मौत कभी भी, कहीं भी आ सकती है – चाहे वह कक्षा में पढ़ाई करता मासूम बच्चा हो या देश की सेवा में जुटा एक फौजी पायलट। रफ़िका ताहा, जो हादसे के समय स्कूल में नहीं थीं, ने कहा – “जब टीवी पर वीडियो देखा, तो दिल कांप गया… हे भगवान! ये मेरा स्कूल है।”
डिस्क्लेमर:- यह लेख विश्वसनीय समाचार स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लिखा गया है। इसमें प्रयुक्त भावनात्मक भाषा केवल मानवीय दृष्टिकोण से घटना की गंभीरता को दर्शाने के लिए है। हम सभी पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना प्रकट करते हैं और शांति की प्रार्थना करते हैं।
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