Diwali 2025: दीवाली से ठीक पहले केंद्र सरकार ने किसानों से जुड़ी बड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए अहम कदम उठाए हैं। यह फैसले न सिर्फ किसानों को राहत देंगे बल्कि आने वाले वक्त में खेती-किसानी के हालातों में बड़ा सुधार भी लाएंगे। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी संसदीय क्षेत्र रायसेन जिले में कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
किसानों को खाद के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लाइनें
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले में DAP खाद की उपलब्धता की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी किसान को खाद के लिए परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा नहीं रहना चाहिए। इसके लिए खाद वितरण व्यवस्था को इस तरह तैयार किया जाए कि हर किसान को समय पर और बिना झंझट खाद मिल सके।
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को आदेश दिया कि DAP खाद की मांग और वितरण की संपूर्ण जानकारी पारदर्शी तरीके से रखी जाए, ताकि काला बाजारी और खाद की डाइवर्जन जैसी समस्याओं पर पूरी तरह रोक लग सके। उन्होंने जिलाधिकारियों को एक विशिष्ट एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए जिससे खाद वितरण की निगरानी और जरूरत की पूर्ति सुचारू रूप से हो सके।
किसानों को सोशल मीडिया से दी जाएगी जानकारी
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को यह भरोसा दिलाने के लिए कि खाद की कोई कमी नहीं है, सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार जानकारी साझा की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसानों की फसलों — विशेष रूप से अरहर (तुअर), सोयाबीन और मक्का — से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।
फसल बीमा योजना पर विशेष ध्यान
फसल बीमा योजना पर चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सोयाबीन फसल के नुकसान का सटीक आकलन किया जाए और किसानों को उनका दावा जल्द से जल्द मिले। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में एक प्रायोगिक फसल कटाई सर्वेक्षण (Crop Harvest Survey) किया जाना चाहिए ताकि नुकसान का सही अनुमान लगाकर उचित मुआवजा दिया जा सके।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा और राहत राशि की घोषणा
इसके अलावा, शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया था, जहां उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि जिन परिवारों के घर बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मरम्मत और निर्माण के लिए 1.60 लाख रुपये प्रति घर की सहायता जल्द दी जाएगी। यह राहत राशि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से प्रदान की जाएगी।
‘दाल आत्मनिर्भरता मिशन’ को समय पर लागू करने के निर्देश
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘पल्सेस सेल्फ-रिलायंस मिशन (Pulses Self-Reliance Mission)’ से जुड़े राज्यों के नोडल अधिकारियों के साथ जल्द बैठक की जाए, ताकि इस मिशन को समय पर और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। उनका कहना था कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी पूरा होगा जब किसान आत्मनिर्भर होंगे।
डिस्क्लेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी सरकारी बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों तक सरकारी योजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़ी सकारात्मक खबरें पहुंचाना है।
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