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Nathuram Godse Court Speech: गांधी हत्या के पीछे की सोच और विवादित बयान

On: October 2, 2025 7:31 PM
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Nathuram Godse Court Speech

Nathuram Godse Court Speech: भारत के राजनीतिक इतिहास में नाथूराम गोडसे का नाम हमेशा चर्चा में रहा है। महात्मा गांधी की जयंती और पुण्यतिथि पर उनके समर्थक और विरोधी दोनों ही इस नाम को अक्सर याद करते हैं। गांधी जी की हत्या के कई साल बाद भी गोडसे को लेकर समाज में दो विरोधाभासी दृष्टिकोण बने हुए हैं। एक ओर लोग उसे दोषी मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग उसके कृत्यों को देशभक्ति का नाम देते हैं।

अदालत में गोडसे का बयान: “मैंने गांधी को क्यों मारा”

नाथूराम गोडसे ने अपनी अदालत में दी गई स्पीच में यह स्पष्ट किया कि उनका हाथ उठाना किसी व्यक्तिगत द्वेष के कारण नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके मन में देशभक्ति के अलावा और कुछ नहीं था। गोडसे ने अपने पत्राचार और विचारों का हवाला देते हुए बताया कि उनके नेताओं से मतभेद लंबे समय से थे और पाकिस्तान की स्थापना के समय हुई हिंसा के लिए वे केवल गांधी जी को जिम्मेदार मानते थे।

उन्होंने अदालत में कहा कि उन्हें पता था कि हत्या के बाद समाज में उनकी छवि बदल जाएगी और समाचार पत्र उनकी निंदा करेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखबारों ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और देश के नेताओं की गलतियों को छिपाया। गोडसे के अनुसार, गांधीवादी नेताओं ने पाकिस्तान को स्वीकार कर लिया और हिंदुओं की रक्षा नहीं की।Nathuram Godse Court Speech

पाकिस्तान और विभाजन पर गोडसे की राय

गोडसे ने कोर्ट में कहा कि पाकिस्तान की स्थापना छलपूर्वक और हिंदुओं की अनदेखी करते हुए की गई। पंजाब, बंगाल, सीमा प्रांत और सिंध के हिंदुओं के हितों की कोई परवाह नहीं की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस और गांधीवादी नेताओं ने मुसलमानों को प्रोत्साहित किया और हिंदुओं को छोड़ दिया। उनके अनुसार इस घटना ने उनके मन की शांति भंग कर दी थी और यही कारण था कि उन्होंने ऐसा कदम उठाया।

विभाजन की भयावह तस्वीर

गोडसे ने अदालत में विस्तार से बताया कि विभाजन के समय हजारों हिंदुओं और सिखों की हत्या हुई, महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और करोड़ों लोग अपने धर्म और जीवन की सुरक्षा के लिए भागने को मजबूर हुए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू मुसलमानों के बीच फंसे लोगों की पीड़ा देखकर उनका गुस्सा बढ़ा और यही उनके कृत्य की पृष्ठभूमि बनी।Nathuram Godse Court Speech

निष्कर्ष

नाथूराम गोडसे की अदालत में दी गई यह स्पीच इतिहास में एक विवादित दस्तावेज़ के रूप में दर्ज है। यह स्पीच उनके दृष्टिकोण, देशभक्ति की भावना और विभाजन के समय हुई हिंसा की व्यथा को उजागर करती है। हालांकि समाज में गोडसे को लेकर दो मत हैं, लेकिन इतिहास में उनकी भूमिका हमेशा चर्चा का विषय बनी रहेगी।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ऐतिहासिक दस्तावेज़ और सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। लेख का उद्देश्य केवल सूचनात्मक है। किसी भी व्यक्ति विशेष के प्रति समर्थन या विरोध को प्रोत्साहित करने का मकसद नहीं है।

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Rishant Verma

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