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Policybazaar: पर IRDAI की गाज: 5 करोड़ का जुर्माना और भरोसे पर बड़ा सवाल!

On: August 7, 2025 10:16 PM
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Policybazaar

Policybazaar : जब बात हमारे जीवन की सुरक्षा और बीमा की होती है, तो हम भरोसा करते हैं उन कंपनियों पर जो सही जानकारी और पारदर्शिता के साथ अपने प्रोडक्ट्स पेश करती हैं। लेकिन जब कोई बड़ी बीमा कंपनी खुद नियमों की अनदेखी करे, तो यह न केवल विश्वास को तोड़ता है बल्कि लोगों की मेहनत की कमाई पर भी असर डालता है। ऐसा ही कुछ हुआ है Policybazaar के साथ, जिस पर अब बीमा नियामक संस्था IRDAI ने बड़ी कार्रवाई की है।

क्यों लगा 5 करोड़ रुपये का जुर्माना?

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने 4 अगस्त 2025 को जारी अपने आधिकारिक आदेश में Policybazaar Insurance Brokers Pvt Ltd पर ₹5 करोड़ का जुर्माना लगाया है। कंपनी पर बीमा अधिनियम, 1938 और IRDAI (इंश्योरेंस वेब एग्रीगेटर्स) रेगुलेशन्स, 2017 के तहत कुल 11 गंभीर उल्लंघनों के आरोप लगे हैं।

बिना पारदर्शिता के दिखाए गए बीमा रैंकिंग

IRDAI ने अपनी जांच में पाया कि Policybazaar ने अपनी वेबसाइट पर बीमा प्रोडक्ट्स को “टॉप” या “बेस्ट” जैसे टैग के साथ प्रमोट किया, लेकिन उन रैंकिंग्स के पीछे कोई पारदर्शी या तर्कसंगत मापदंड नहीं बताया गया। इससे ग्राहकों को सही जानकारी नहीं मिल सकी और उन्होंने बिना पूरी जानकारी के निर्णय लिए।Policybazaar

जून 2020 की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

IRDAI की टीम ने 1 से 5 जून 2020 के बीच Policybazaar का निरीक्षण किया था, जिसमें पाया गया कि Bajaj Allianz Goal Assure, Edelweiss Tokyo Wealth Gain+, HDFC Click2Wealth, SBI Life e-Wealth Insurance और ICICI Signature जैसे ULIP प्लान्स को टॉप पर दिखाया गया था, लेकिन इनके चयन का आधार स्पष्ट नहीं किया गया था।

गवर्नेंस में भी दिखी बड़ी खामियाँ

Policybazaar पर सिर्फ मार्केटिंग में ही नहीं, बल्कि गवर्नेंस यानी प्रबंधन स्तर पर भी लापरवाही के आरोप हैं। IRDAI ने बताया कि कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी (KMPs) बिना पूर्व अनुमति के अन्य कंपनियों में डायरेक्टरशिप संभाल रहे थे, जो नियमों के खिलाफ है।

प्रीमियम ट्रांसफर में देरी और अलग गेटवे का उपयोग

Policybazaar को 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त जुर्माना इस बात के लिए भी लगा कि उसने बीमा ग्राहकों द्वारा जमा किए गए प्रीमियम को 3 कार्य दिवसों तक अपने नोडल अकाउंट में रखा और अपने प्राइवेट पेमेंट गेटवे से इसे ट्रांसफर किया। जबकि कानून के अनुसार, 24 घंटे के भीतर प्रीमियम संबंधित बीमा कंपनी को भेजना अनिवार्य है।Policybazaar

कंपनी ने दी सफाई, शेयरों पर दिखा असर

PB Fintech Ltd, जो Policybazaar की पैरेंट कंपनी है, उसने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि कंपनी इस कार्रवाई को बोर्ड मीटिंग में रखेगी और जल्द ही IRDAI को “Action Taken Report” सौंपेगी। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर 1.8% गिरकर ₹1,750.10 पर पहुंच गए।

निष्कर्ष

यह मामला एक कड़वा सच सामने लाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विश्वास करने से पहले हमें भी जागरूक होना होगा। IRDAI की यह सख्ती यह दिखाती है कि नियामक अब ग्राहकों के हितों की अनदेखी नहीं सहेंगे और हर स्तर पर पारदर्शिता को अनिवार्य बनाएंगे।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और IRDAI की आधिकारिक रिपोर्ट पर आधारित है। इसमें दी गई जानकारी सूचना के उद्देश्य से है और इसका उद्देश्य किसी कंपनी या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं है। पाठकों से अनुरोध है कि वे किसी भी बीमा योजना में निवेश से पहले पूर्ण जानकारी प्राप्त करें।

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Rishant Verma

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