Samsung Galaxy XR Vs Apple Vision Pro: आज की दुनिया में तकनीक सिर्फ हाथों में नहीं, आंखों के सामने भी है। वर्चुअल और मिक्स्ड रियलिटी अब सिर्फ कल्पना नहीं रही, बल्कि हकीकत बन चुकी है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए सैमसंग ने अपने नए Galaxy XR हेडसेट के साथ हाई-एंड एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) मार्केट में एंट्री की है। यह वही क्षेत्र है जहां Apple पहले से अपने Vision Pro के जरिए राज कर रहा था। दोनों कंपनियां भविष्य के कंप्यूटिंग अनुभव को बदलने का दावा करती हैं, लेकिन इनकी सोच, डिज़ाइन और तकनीकी रास्ते एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
कीमत और मार्केट में पोजिशन
सैमसंग का Galaxy XR $1,799 (करीब ₹1.5 लाख) की कीमत पर लॉन्च हुआ है, जबकि Apple का Vision Pro $3,499 (करीब ₹2.9 लाख) से शुरू होता है। कीमत में यह बड़ा अंतर Galaxy XR को उन यूज़र्स के लिए आकर्षक बनाता है जो हाई-टेक अनुभव चाहते हैं लेकिन Vision Pro की भारी कीमत नहीं चुका सकते। हालांकि दोनों ही डिवाइस अभी भी प्रीमियम श्रेणी में आते हैं और मुख्य रूप से टेक-प्रेमियों और शुरुआती अपनाने वालों (early adopters) के लिए बनाए गए हैं।
डिज़ाइन और आराम
जहां Vision Pro का वजन 600 से 750 ग्राम के बीच है, वहीं सैमसंग ने Galaxy XR को हल्का और आरामदायक बनाया है, जिसका वजन लगभग 545 ग्राम है। सैमसंग ने इसमें एक मोटा कुशन और एडजस्टेबल डायल-स्ट्रैप दिया है ताकि लंबे समय तक पहनने में सिर पर दबाव महसूस न हो। दूसरी ओर, Apple का डुअल-निट बैंड सांस लेने योग्य और सॉफ्ट है, जिससे यह भी लंबी अवधि तक आरामदायक बना रहता है। दोनों कंपनियों ने स्पष्ट रूप से वजन वितरण और उपयोगकर्ता सुविधा पर खास ध्यान दिया है।
बैटरी और उपयोग समय
Galaxy XR में दो घंटे तक सामान्य उपयोग और करीब ढाई घंटे तक वीडियो प्लेबैक का दावा किया गया है, जो एक 302 ग्राम के एक्सटर्नल बैटरी पैक से चलता है। Vision Pro थोड़ा बेहतर आंकड़े देता है—लगभग ढाई घंटे सामान्य उपयोग और तीन घंटे तक वीडियो प्लेबैक। दोनों डिवाइस चार्जिंग के दौरान पास-थ्रू मोड में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, यानी बैटरी खत्म होने पर भी अनुभव नहीं रुकता।
सॉफ्टवेयर और ऐप्स सपोर्ट
सैमसंग का सबसे बड़ा फायदा इसका Android XR प्लेटफॉर्म है, जो Google के साथ साझेदारी में विकसित हुआ है। इसमें YouTube, Google Maps (3D नेविगेशन के साथ), Google Photos (3D फोटो व्यूइंग) और Adobe का Project Pulsar जैसे ऐप्स मौजूद हैं। साथ ही Google Gemini AI असिस्टेंट इस हेडसेट की जान है, जो आपकी देखी या कही बातों को समझकर उसी समय रियल-टाइम जानकारी या सुझाव दे सकता है।
Apple Vision Pro अपने visionOS पर चलता है, जो Apple के इकोसिस्टम—Mac, iPhone और AirPods—से बखूबी जुड़ा है। इसमें Siri और Apple Intelligence जैसी सुविधाएं हैं जो स्पैटियल कंप्यूटिंग और प्रोफेशनल कामों को आसान बनाती हैं। यह रचनात्मकता, उत्पादकता और मनोरंजन तीनों को एक साथ जोड़ने की कोशिश करता है।
डिस्प्ले और विजुअल क्वालिटी
सैमसंग Galaxy XR में दो 4K Micro-OLED डिस्प्ले दिए गए हैं, जिनकी कुल रेज़ोल्यूशन 29 मिलियन पिक्सल से अधिक है और पिक्सल डेंसिटी करीब 4,023 PPI है — जो Vision Pro (23 मिलियन पिक्सल और 3,386 PPI) से बेहतर मानी जा रही है। हालांकि Vision Pro का 120Hz रिफ्रेश रेट सैमसंग के 90Hz से ज्यादा स्मूद अनुभव देता है। दोनों ही डिवाइस कलर एक्यूरेसी और ब्राइटनेस के मामले में शानदार हैं।
ट्रैकिंग और इंटरेक्शन
दोनों ही हेडसेट्स में मल्टी-कैमरा इनसाइड-आउट ट्रैकिंग, आई-ट्रैकिंग और आइरिस स्कैनिंग जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी है जो सिक्योर लॉगिन और नैचुरल कंट्रोल देती है। सैमसंग ने इसमें फेसियल ट्रैकिंग भी जोड़ी है जिससे यूज़र्स अपने भावनात्मक एक्सप्रेशन्स को अवतार्स के जरिए दिखा सकते हैं। वहीं, Apple ने अपने Vision Pro में ‘Personas’ का फीचर दिया है जो वीडियो कॉल्स के दौरान यूज़र का फोटोरियलिस्टिक चेहरा दिखाता है। दोनों हेडसेट हैंड जेस्चर, आई-मूवमेंट और वॉइस कमांड्स से पूरी तरह नियंत्रित किए जा सकते हैं।
कौन है आगे?
अगर कहा जाए कि Vision Pro ज्यादा ‘पॉलिश्ड’ अनुभव देता है तो यह गलत नहीं होगा, लेकिन सैमसंग Galaxy XR अपनी कम कीमत और खुली एंड्रॉइड इकोसिस्टम के कारण आम उपयोगकर्ताओं के लिए ज्यादा सुलभ और लचीला विकल्प बन जाता है। Galaxy XR का Google Gemini AI के साथ जुड़ना इसे न सिर्फ वर्चुअल अनुभव बल्कि ‘स्मार्ट इंटरैक्शन’ का भी भविष्य बनाता है। वहीं, Vision Pro उन यूज़र्स के लिए है जो पहले से Apple की दुनिया में बसे हैं और उसी में उन्नत रचनात्मकता की तलाश करते हैं।
निष्कर्ष
Samsung Galaxy XR और Apple Vision Pro दोनों ही इस बात का प्रमाण हैं कि तकनीक अब हमारी आंखों से सीधे संवाद कर रही है। सैमसंग अपने नए डिवाइस के साथ यह साबित करता है कि वर्चुअल रियलिटी का भविष्य सिर्फ एलीट लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। वहीं, Apple Vision Pro अब भी अपने शानदार अनुभव और प्रीमियम इकोसिस्टम के कारण बेंचमार्क बना हुआ है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि जब सैमसंग और एप्पल जैसे दिग्गज एक ही मैदान में उतरते हैं, तो असली विजेता कौन बनता है — नवाचार या निष्ठा?
डिस्क्लेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी केवल तकनीकी विश्लेषण और तुलना के उद्देश्य से लिखी गई है। इसका उद्देश्य किसी ब्रांड या उत्पाद को नीचा दिखाना नहीं है। सभी उत्पादों के अधिकार उनके संबंधित कंपनियों के पास सुरक्षित हैं।
New LPG Prices 2025: सस्ती गैस और उज्ज्वला योजना से घरों में मिली राहत












