Suzlon: अगर आप भारत की नवीकरणीय ऊर्जा की सफलता की कहानी सुनना चाहते हैं, तो सुजलॉन ग्रुप का नाम सबसे ऊपर आता है। भारत की सबसे बड़ी पवन ऊर्जा समाधान देने वाली कंपनी सुजलॉन ने इस बार ऐसा कीर्तिमान रचा है, जिसने पूरे उद्योग को उत्साहित कर दिया है। कंपनी ने जुलाई से सितंबर (Q2) 2025 के दौरान अपनी अब तक की सबसे बड़ी डिलीवरी दर्ज की है — पूरे 565 मेगावाट की।
मजबूत डिमांड और नई तकनीक से बढ़ी रफ्तार
सुजलॉन की यह शानदार उपलब्धि केवल आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि यह भारत की हरित ऊर्जा यात्रा की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी ने बताया कि यह सफलता मजबूत व्यावसायिक मांग, औद्योगिक क्षेत्र (C&I) से बढ़ते निवेश और नई FDRE (Firm and Dispatchable Renewable Energy) टेंडर नीतियों के कारण संभव हुई है।
कंपनी की कुल आय 85% बढ़कर ₹3,866 करोड़ हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में जबरदस्त उछाल दर्शाती है। इतना ही नहीं, अप्रैल से सितंबर (H1FY26) के दौरान सुजलॉन की डिलीवरी में 90% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा कहानी में सुजलॉन की अहम भूमिका
सुजलॉन ग्रुप ने अपने वित्तीय ढांचे को मजबूत करते हुए यह साबित कर दिया है कि एक भारतीय कंपनी वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सकती है। कंपनी का कहना है कि उसकी सफलता का राज एक मजबूत बैलेंस शीट, पर्याप्त वर्किंग कैपिटल और कुशल निष्पादन क्षमता है, जिसने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया है।
कंपनी का विंड टरबाइन जनरेटर (WTG) कारोबार भी इस वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है, जिसने H1FY26 में 26.5% का योगदान मार्जिन हासिल किया है। सुजलॉन का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो अब 2.3 गीगावाट से अधिक की डिलीवरी और 5+ गीगावाट के फर्म ऑर्डर पर आधारित है।
“भविष्य तैयार कर रही है सुजलॉन” – उपाध्यक्ष गिरीश टांटी
सुजलॉन ग्रुप के उपाध्यक्ष गिरीश टांटी ने कहा, “हम एक भविष्य-तैयार संगठन बना रहे हैं, जो सतत विकास पर केंद्रित है। पिछले 11 तिमाहियों में हमारी लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस ने यह साबित कर दिया है कि सुजलॉन न केवल वर्तमान में, बल्कि भविष्य में भी भारत की ऊर्जा जरूरतों की रीढ़ बनेगी। 2047 तक 400 गीगावाट पवन क्षमता के लक्ष्य के साथ हम बाजार में अपनी नेतृत्व स्थिति को और मजबूत करेंगे।”
“भारत की पवन ऊर्जा का भविष्य उज्ज्वल” – CEO जेपी चालसानी
सुजलॉन ग्रुप के CEO जेपी चालसानी ने कहा, “हम अपने कोर बिजनेस पर स्पष्ट फोकस के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पूरी तरह से आधुनिक घरेलू विनिर्माण क्षमता और भारत में बनी विश्वस्तरीय तकनीक के साथ हम इंडस्ट्री में सबसे मजबूत स्थिति में हैं। आने वाले वर्षों में जब भारत का पवन ऊर्जा बाजार FY26 में 6 गीगावाट और FY27 में 8 गीगावाट इंस्टॉलेशन तक पहुंचेगा, हम इस विकास यात्रा के सबसे भरोसेमंद साथी रहेंगे।”
भारत की ऊर्जा क्रांति का अगुवा
आज सुजलॉन के पास 6.2 गीगावाट का ऑर्डर बुक है और कंपनी का मानना है कि फिलहाल भारत में पवन ऊर्जा टैरिफ “सभी हितधारकों के लिए एक स्वर्ण अवसर” है — चाहे ग्राहक हों, विक्रेता, वित्तीय संस्थान या निर्माता। यह स्थिति भारत की हरित ऊर्जा क्रांति को और मजबूत कर रही है।
निष्कर्ष
सुजलॉन ग्रुप की यह उपलब्धि सिर्फ एक कंपनी की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भर और हरित भविष्य की कहानी है। जिस तरह कंपनी लगातार रिकॉर्ड बना रही है, वह न केवल रोजगार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा में योगदान दे रही है, बल्कि भारत को वैश्विक हरित ऊर्जा मानचित्र पर अग्रणी बना रही है।
डिस्क्लेमर:
इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। इसमें दी गई जानकारियां सार्वजनिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।
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