Vice President Election 2025: भारत की राजनीति एक बार फिर बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। संसद भवन आज मंगलवार को उस ऐतिहासिक चुनाव का गवाह बनेगा, जिसमें देश को नया उपराष्ट्रपति मिलेगा। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपने उम्मीदवार के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है, जबकि विपक्षी INDIA ब्लॉक ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस बी. सुधर्शन रेड्डी को चुनौती देने के लिए चुना है। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में मतदान होगा और शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। नतीजे आज देर शाम तक सामने आ जाएंगे।
चुनाव क्यों हो रहा है समय से पहले
यह चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से 21 जुलाई को इस्तीफा दे दिया था। उनके कार्यकाल के बीच खाली हुई इस संवैधानिक कुर्सी को भरने के लिए चुनाव आयोग ने तुरंत नई तारीखों का ऐलान किया। उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है, इसलिए यह चुनाव स्वाभाविक रूप से पूरे देश की निगाहों में है।
एनडीए बनाम INDIA ब्लॉक: आंकड़ों का खेल
संसद के दोनों सदनों से बने 781 सदस्यों का निर्वाचन मंडल इस चुनाव में वोट डालेगा। बहुमत का आंकड़ा 391 है। बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास करीब 427 वोट हैं, यानी बहुमत से कहीं ज्यादा। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला INDIA ब्लॉक करीब 315 वोटों पर भरोसा कर सकता है। पिछली लोकसभा में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद विपक्ष अभी भी बहुमत से 100 से अधिक वोट पीछे है। कई दल जैसे बीजेडी, बीआरएस और अकाली दल मतदान से दूर रहेंगे। ऐसे में विपक्षी उम्मीदवार के लिए जीतना बेहद कठिन माना जा रहा है।
सीपी राधाकृष्णन कौन हैं
20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में जन्मे सीपी राधाकृष्णन ने आरएसएस स्वयंसेवक के तौर पर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। वह 1998 और 1999 में कोयंबटूर से दो बार सांसद रह चुके हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष, कोयर बोर्ड के चेयरमैन और संसदीय समितियों में अहम भूमिकाएँ निभाने के बाद उन्होंने संगठनात्मक कामों से अपनी मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने तमिलनाडु में 93 दिन लंबी रथ यात्रा का नेतृत्व किया और केरल में भी पार्टी के प्रभारी रहे। पिछले कुछ वर्षों में वह झारखंड, तेलंगाना, पुडुचेरी और फिलहाल महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यरत रहे हैं। राजनीति में चार दशक से अधिक का अनुभव उन्हें बेहद सीनियर और भरोसेमंद चेहरा बनाता है।
जस्टिस बी. सुधर्शन रेड्डी कौन हैं
विपक्ष ने इस चुनाव में जस्टिस बी. सुधर्शन रेड्डी को उतारा है। 8 जुलाई 1946 को जन्मे रेड्डी ने वकालत से अपना करियर शुरू किया और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में लंबे समय तक रिट और सिविल मामलों की पैरवी की। 1988 से 1990 तक वे सरकारी वकील रहे और 1995 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के स्थायी जज बने। 2005 में उन्हें गौहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2007 में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बने। 2011 में रिटायरमेंट के बाद 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने, हालांकि निजी कारणों से सात महीने बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। न्यायपालिका में उनका योगदान और अनुभव उन्हें विपक्ष का मजबूत उम्मीदवार बनाता है।
पिछले चुनावों की तुलना
अगर पिछली तस्वीर देखें तो 2022 में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने 528 वोटों से जीत दर्ज की थी, जबकि विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को सिर्फ 182 वोट मिले थे। उससे पहले 2017 में वेंकैया नायडू ने गोपालकृष्ण गांधी को 272 वोटों के अंतर से हराया था। इस बार विपक्ष के पास संख्याबल जरूर बढ़ा है, लेकिन आंकड़ों की जंग में अभी भी एनडीए भारी पड़ रहा है।
उपराष्ट्रपति का पद और शक्तियाँ
भारत का उपराष्ट्रपति न सिर्फ देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है बल्कि राज्यसभा का सभापति भी होता है। सभापति के रूप में उनकी भूमिका सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने और अनुशासन बनाए रखने की होती है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पांच साल का होता है और उन्हें दोबारा भी चुना जा सकता है। खास परिस्थितियों में जब राष्ट्रपति पद खाली हो जाता है, तो उपराष्ट्रपति कार्यकारी राष्ट्रपति के रूप में जिम्मेदारी संभालते हैं।
निष्कर्ष
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 सिर्फ एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति का वह पल है जब सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी ताकत और रणनीति का प्रदर्शन करते हैं। आंकड़ों के लिहाज से एनडीए का पलड़ा भारी है, लेकिन विपक्ष के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुधर्शन रेड्डी भी अपनी साख और अनुभव के दम पर चर्चा में हैं। अब सबकी निगाहें आज के मतदान और शाम को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि देश का नया उपराष्ट्रपति कौन होगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी समाचार रिपोर्ट्स और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। परिणाम और राजनीतिक समीकरण समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए चुनाव आयोग और संसद के अपडेट देखें।
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