World Mental Health Day: हमारे जीवन में शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही मानसिक स्वास्थ्य भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अक्सर इसे नजरअंदाज किया जाता है। आंध्र विश्वविद्यालय में शुक्रवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में यह बात प्रमुखता से सामने आई। आंध्र विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था “सेवाओं तक पहुंच – आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य।”
मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश
एयू के कुलपति जी.पी. राजा शेखर ने उद्घाटन अवसर पर कहा कि हमारे दैनिक जीवन में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि विश्वभर में कई लोग विशेष जीवन घटनाओं के कारण मानसिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे आधुनिक उपचार विकल्पों का उपयोग करके अपनी मानसिक समस्याओं का सही तरीके से प्रबंधन करें।
बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियां और उनके प्रभाव
एयू कॉलेज ऑफ साइंस के प्रिंसिपल एम.वी.आर. राजू ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अवसाद के कारण होने वाले आत्महत्या और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के आंकड़े चिंताजनक हैं। इसके अलावा देशों के बीच युद्ध और सामाजिक अलगाव ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान बढ़ी मौतों का एक कारण मानसिक स्वास्थ्य का कमजोर होना भी बताया।
आपदाओं में मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल
प्रसिद्ध मनोचिकित्सक राधाकांत ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों का परामर्श देना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि राहत और पुनर्वास प्रदान करना। उन्होंने रक्षा और अग्निशमन सेवा कर्मियों का उदाहरण देते हुए बताया कि आपदा के दौरान वे अपने चारों ओर की घटनाओं से प्रभावित हुए बिना काम करते हैं। यह दृष्टिकोण आम लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हो सकता है ताकि वे मानसिक मजबूती विकसित कर सकें।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सरकारी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अस्पताल के अधीक्षक के.वी. रामि रेड्डी, कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी टी. अर्जुन, और ‘बियॉन्ड ऑटिज्म’ की संस्थापक असलीना ने भी इस संगोष्ठी में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और लोगों को सही जानकारी देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य को समाज में प्राथमिकता दी जानी चाहिए और हर व्यक्ति को इसके महत्व को समझना चाहिए।
Disclaimer:
यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है और किसी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।






